प्यार का क्या है! प्यार का क्या है!
और तुम... तुम मुझमें रहकर भी मुझसे जुदा हो। और तुम... तुम मुझमें रहकर भी मुझसे जुदा हो।
बन कर फल कभी थोड़े कच्चे तो कभी थोड़े पक्के, लटकते अधटूटी टहनियों से दिखावी रिश्ते। बन कर फल कभी थोड़े कच्चे तो कभी थोड़े पक्के, लटकते अधटूटी टहनियों से दिखा...
देश में एक इतिहास रचाओ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ। देश में एक इतिहास रचाओ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ।
मैं अरबी के पत्तों का चमकता पानी हूँ। मैं अरबी के पत्तों का चमकता पानी हूँ।
चाहे कुछ भी हो जाए मैं हार नहीं मानूँगी। चाहे कुछ भी हो जाए मैं हार नहीं मानूँगी।